On Page SEO Kya Hai – 20 Best On-Page Advance SEO Techniques

क्या आप अच्छा कंटेंट लिखने में बहुत मेहनत करते हैं. और उसके बाद भी आपकी वेबसाइट Search Engine में अच्छी रैंकिंग नहीं पा रही है. या आपकी वेबसाइट किसी भी सर्च इंजन में फर्स्ट पेज पर नहीं दिखाई दे रही है. तो इसका मतलब कहीं ना कहीं आपकी वेबसाइट के On Page SEO में कुछ कमी है. उसी कमी को दूर करने के लिए आज मैं यह आर्टिकल लिख रहा हूं.

SEO क्या है? और क्यूँ करते हैं? के बारे में डिटेल में बताने के बाद आज मैं आपके लिए अपने एक्सपीरियंस के आधार पर On page SEO के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहा हूं.

यह तो हम सभी जानते हैं कि (Content is King) कंटेंट ही किंग होता है.  मगर कई बार बहुत अच्छा कंटेंट लिखने के बावजूद भी, हमारी वेबसाइट सर्च इंजन के पहले पेज में भी नहीं आती है.  इसके कई सारे कारण हो सकते हैं. इसलिए हमको उन सभी कमियों को दूर करना होगा. और सबसे पहले अपनी वेबसाइट का On Page SEO ठीक करना होगा.

मेरी रिसर्च और एक्सपीरियंस के हिसाब से मैंने यहां पर कुछ On Page SEO की Advance techniques  के बारे में डिटेल में बताया है. उम्मीद करता हूं कि इस आर्टिकल के द्वारा आपको अपनी वेबसाइट के On Page SEO  को ठीक करने में कुछ मदद मिलेगी.

Best On page SEO Advance Techniques in hindi

High-Quality SEO Optimized Content

जैसे कि मैंने पहले भी बताया कि आर्टिकल ही किंग है.  अगर आप अच्छा High Quality SEO Optimized Content लिखते हैं तो बहुत ही अच्छी बात है.  अगर नहीं लिख पाते हैं तो इस पॉइंट पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है.

आपका आर्टिकल Unique और High Quality SEO Optimized होना बहुत जरूरी है. इसका मतलब यह है कि आपने जो भी आर्टिकल लिखा है. वह कहीं से कॉपी किया हुआ ना हो,  आप अलग अलग आर्टिकलओं को पढ़कर के अपनी भाषा में अपने हिसाब से लिखें.

जब भी आप आर्टिकल लिखें उसमें अपने Main Keyword को कम से कम 8 से 10 इस्तेमाल करें. और आपके मेन कीवर्ड से रिलेटेड कीबर्ड्स का इस्तेमाल जरूर करें. जब भी आप किसी भी टॉपिक पर आर्टिकल लिखें तो कम से कम 600 से 700 words  का आर्टिकल होना अच्छा माना जाता है.

Title में Main Keyword ka इस्तेमाल

जब भी आप अपने आर्टिकल का टाइटल लिख रहे हो तो, उसमें अपने Main Keyword को जरूर डालें. इसी को SEO Optimized Title कहतें है. क्यूंकि search engine में सबसे पहले title ही दीखता है. और अगर Main Keyword टाइटल के शुरू में हो तो बहुत ही बढ़िया बात है.

हो सके तो Titel में Modifiers का इस्तेमाल जरुर करें. इस से पढने वाले को intersting लगेगा और वह आप के लिंक पर क्लिक करके आप की वेबसाइट में आजेगा.

जैसे- Full guide, Best, Quick, Top 5 और 10, Solved, आदि.   

Title को <h1> Heading tag में लिखें

Title को हमेशा <h1> Heading tag में ही लिखें. यह आप की Theme पे depend करता है. की उस में Title <h1> Heading tag में है या नहीं. जादातर थीम्स में होता है. अगर नहीं है तो थीम के CSS में title को <h1> Heading tag में set करें.

यह भी ध्यान रखें की आप के आर्टिकल में सिर्फ १ ही <h1> tag हो. और वह Title पे लगा हो. जादा Heading tags search engine को confuse कर सकतें है.

First Paragraph में Main Keyword को जरुर डालें

अपने आर्टिकल के Main Keyword को First Paragraph में कम से कम १ बार जरुर डालें. इस से search engine को आप के Main Keyword को समझने में आसानी होगी.

हो सके तो Main Keyword को Bold कर दें. पहले पैराग्राफ को 200 से 250 words का लिखें. हर पैराग्राफ को ३ से ४ लाइन का ही लिखें जिस से पढने वाले को दिक्कत न हो. जादा बड़े पैराग्राफ को पढने से कई बार रीडर्स बोर भी हो जातें है. और search engine को भी उस को समझने में दिक्कत होती है.

Sub Heading <h2> Tag का इस्तेमाल

अपने आर्टिकल में कम से कम ३ से ४ Sub Heading को जरुर डालें. Sub Heading को <h2> Tag में ही लिखें. और Sub Heading में अपने main keyword से related keywords का इस्तेमाल करें.

Sub Heading के द्वारा आप अपने आर्टिकल को जादा अच्छे से समझा सकतें है. और इस से search engine को भी आप के आर्टिकल को समझने में मदद मिलती है. की आखिर कार आप का आर्टिकल सही ढंग से बताया गया है या नहीं.

SEO Friendly URL का इस्तेमाल, URL में Keyword होना जरुरी

अपने post के URL को SEO Friendly बनाएं. और URL में main keyword को जरुर डालें. URL को जादा लम्बा न लिखें. Main keyword के साथ Modifiers डालेंगे को जादा अच्छा लगेगा.

जैसे: (SEO Friendly Url)

ehowhindi.com/20-best-on-page-seo-techniques

ehowhindi.com/on-page-seo-full-guide

ehowhindi.com/quick-on-page-seo-guide

जैसे: (Avoid this type of Url)

ehowhindi.com/p-456

ehowhindi.com/25-best-on-page-seo-techniques-in-hindi-for-rank-on-search-engine-first-page

ehowhindi.com/4562658/25-best-on-page-seo-techniques

Meta Title, Meta Description Tag

हर वेबसाइट में Meta Title and Meta Description tag बहुत ही इंपॉर्टेंट होता है. यही सर्च इंजन को बताता है कि, आर्टिकल किस चीज पर लिखा हुआ है. तो जब भी हम अपने वेबसाइट पर कोई भी ब्लॉग आर्टिकल लिखे तो meta title and meta description को सही ढंग से प्रस्तुत करें.

Meta title and meta description tag  वेब पेज के सोर्स कोड में दिया जाता है. अगर आपकी वेबसाइट HTML में बनी है तो आपको यह खुद ही डालना पड़ता है.  यदि आपकी वेबसाइट WordPress य blogger पर बनी है तो इसके लिए वहां पर ऑप्शन होता है.

इस प्रकार आप अपनी वेबसाइट में Meta Title and Meta Description tag दें.

<title>25 Best on-page SEO Techniques</title>

<meta name=”description” content=”Search engine में अच्छी rank पाने के लिए आपकी वेबसाइट के On Page SEO “/>

Favicon ka use

Favicon एक तरह का छोटा सा आइकन होता है. जो हमारी वेबसाइट के ब्राउज़र टाइम में दिखाई देता है. इसका इस्तेमाल हमारी वेबसाइट को एक अच्छा लुक देने के लिए क्या जाता है.

आप अपनी वेबसाइट में Facicon ico  इस प्रकार से दे सकते हैं.

<link rel=”icon” type=”image/png” href=”http://35.238.146.248/wp-content/uploads/2018/09/favicon-1.png” />

Responsible Website का Design

आज के समय में ज्यादातर यूजेस इंटरनेट का इस्तेमाल अपने mobile और tablet से करते हैं. इसलिए आपकी वेबसाइट का Responsible web design होना बहुत ही आवश्यक है.

जब से google ने mobile first indexing सर्विस शुरू करी है.  तब से तो यह बहुत ही आवश्यक हो गया है कि आपकी वेबसाइट का डिजाइन Responsible हो.  इसका सीधा असर सर्च इंजन में आप की वेबसाइट की रैंकिंग पर पड़ता है.

Responsible  वेब डिजाइन का मतलब होता है कि, आपकी वेबसाइट हर device  पर सही तरह से दिखाई दे. आजकल ज्यादा तर थीम Responsible ही होती हैं.  यदि आप की वेबसाइट की थीम Responsible नहीं है तो, आप उसको जल्द से जल्द चेंज कर दें.

Website की Speed boost करें

अगर आपका ब्लॉग या वेबसाइट बहुत ही slow load होता है. तो इसका सीधा असर आपके वेबसाइट के SEO  पर पड़ता है. वेबसाइट की स्पीड SEO के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है.

अगर आपकी वेबसाइट स्लो लोड होती है तो, विजिटर आपकी वेबसाइट को देखने से पहले ही बंद कर देगा. और आपकी वेबसाइट में कम ही ट्रैफिक आएगा. इसलिए आप कोशिश करें कि आप की वेबसाइट का लोड टाइम कम हो.

उसके लिए आपको सबसे पहले अपनी वेबसाइट का लोड टाइम देखना होगा. लोड टाइम चेक करने के लिए आप Google Page Speed Tool, GTmetrix, Pingdom Tools का इस्तेमाल कर सकते हैं.

यह सभी टोल आपको बताते हैं कि, आपकी वेबसाइट किन कारणों से स्लो है. और आपको अपनी वेबसाइट की स्पीड बढ़ाने के लिए क्या करना होगा.

CDN का use करें

Content Delivery Network (CDN) यह एक तरह का नेटवर्क का जाल है. जो आपकी वेबसाइट के और विजिटर के बीच में काम करता है. जैसे कि यदि आपकी वेबसाइट का सर्वर USA में है. और आपकी वेबसाइट को विजिट करने वाला India  से है तो. आपकी वेबसाइट को USA के सर्वर से लोड होने में कुछ टाइम लग सकता है.

तो Content Delivery Network (CDN) यह काम करता है कि, आपकी वेबसाइट का विजिटर जिस भी कंट्री से है, वह आपकी वेबसाइट को उसी कंट्री के सर्वर से दिखाता है. जिससे आपकी वेबसाइट का लोड टाइम कम हो जाता है.

HTML, CSS और JavaScript Minification करे

अगर आपने अपनी वेबसाइट में HTML, CSS और JavaScript Minification क्या हुआ है तो, आपकी वेबसाइट की स्पीड बढ़ जाती है. और यह SEO के लिए मददगार साबित होता है.

HTML, CSS और JavaScript Minification का मतलब होता है कि, यदि आपकी वेबसाइट में 1 से ज्यादा CSS या JavaScript files है तो Minification उनको एक फाइल में जोड़ देता है, और उन फाइल्स के बीच में जो भी unused coding होती है उनको हटा देता है, इससे हमारी वेबसाइट के CSS और JavaScript files जल्दी लोड हो जाते हैं, और हमारी वेबसाइट का लोड टाइम कम हो जाता है. HTML Minification में भी यही होता है.

Images को optimize करें, और Alt Tag का Use करें

अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल होने वाले सभी Images को optimize करें. इससे वेबसाइट का लोड टाइम कम होगा. और सर्च इंजन में हाई रैंकिंग मिल पाएगी.

Images को optimize करने के लिए आपको  फोटो का साइज कम करना होगा. बिना क्वालिटी को कम किए. अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल होने वाली फोटो को कम से कम 720px width  रखें. इमेज के साइज को compress कार ही वेब साइड में अपलोड करें.

जब भी आप किसी भी फोटो को अपने पोस्ट या आर्टिकल में डालें तो उसमें Alt Tag का Use करें. Alt Tag से हमारी फोटो के बारे में पता लगता है. Alt Tag मैं अपने मैन कीवर्ल्ड का इस्तेमाल करें. हो सके तो फोटो का नाम भी मेन कीवर्ड से रिलेटेड रखें.

Alt Tag के इस्तेमाल से सर्च इंजन आप की फोटो को भी रैंक कर सकता है. और आपकी वेबसाइट में उस फोटो के द्वारा भी ट्रैफिक आ सकता है.

Indian web hosting server को खरीदें

Indian web hosting server को ही खरीदें. अगर आपकी वेबसाइट में इंडिया और इंडिया के आसपास के कंट्रीओं से विजिटर्स आते हैं तो आप अपनी वेबसाइट का सर्वर Indian web hosting से ही खरीदें.

इससे यह होगा कि आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स जब भी आपकी वेबसाइट को ओपन करेंगे. तो इंडियन सरवर होने के कारण आपकी वेबसाइट फास्ट लोड होगी.

Internal Linking करें

जब भी आप कोई भी ब्लॉग पोस्ट या आर्टिकल लिख रहे हो तो. अपनी वेबसाइट को Internal Linking जरूर करें. इससे आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स इस आर्टिकल को तो पड़ेंगे ही, साथ ही साथ हो सकता है. उस से रिलेटेड Internal Linking आर्टिकल्स को भी पढ़ें. जिससे आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट कम होगा.

Internal Linking से सर्च इंजन को भी काफी सहायता मिलती है. इससे सर्च इंजन को पता चलता है कि, आपकी वेबसाइट में इस आर्टिकल से रिलेटेड भी और आर्टिकल है. और वह आर्टिकल के साथ साथ आपके और आर्टिकल्स को भी जल्दी इंडेक्स कर लेता है.

Outbound Links का इस्तेमाल

जब आप कोई भी आर्टिकल लिख रहे हो तो कोशिश करें कि उसमें कम से कम 2  से 3 Outbound Links (external site link) जरूर डालें.

इससे सर्च इंजन को यह पता चलता है कि आपने अपने आर्टिकल में उस वेबसाइट का जिक्र किया है. इससे भी आपकी वेबसाइट के SEO मैं काफी फर्क पड़ता है.

ध्यान रखें कि जिस भी वेबसाइट का आप Outbound Links लगा रहे हो वह वेबसाइट एक Authority sites हो. इससे सर्च इंजन को और आपकी वेबसाइट में आने वाले विजीटर्स को आपकी वेबसाइट पर भरोसा बढ़ता है.

Broken links Check करें

समय-समय पर अपनी वेबसाइट में Broken links Check करें. कई बार हमें पता भी नहीं चलता है और हमारी वेबसाइट में कई सारे Broken links हो जाते हैं. यह चाहे इंटरनल हो या एक्सटर्नल लिंक हो, इनको समय-समय पर चेक करके ठीक करें.

अगर आप अपनी वेबसाइट के Broken links ठीक नहीं करते हैं तो आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स को परेशानी हो सकते हैं. और सर्च इंजन की Broken links  को पसंद नहीं करता है.

HTTPS से Website को secure करें

अगर आप चाहते हैं कि आप की वेबसाइट की रैंकिंग अच्छी हो तो आप अपनी वेबसाइट  को HTTPS से secure जरूर करें. इससे आपकी वेबसाइट की सर्च रैंकिंग बढ़ने के साथ-साथ आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स को भी आपकी वेबसाइट पर trust होता है.

अगर आपकी वेबसाइट में कोई विजिटर्स आता है और आपकी वेबसाइट के URL में Not Secure लिखा हुआ आए तो आपकी वेबसाइट में आने वाले विजिटर्स को शायद अच्छा न लगे. और वह आप की वेबसाइट को क्लोज कर दें.

Robots.txt File की setting

अपनी वेबसाइट के server मैं Robots.txt फाइल को जरूर क्रिएट करें. Robots.txt यह एक टेक्स्ट फाइल होती है जोकि robots (Search Engine Robots) को बताती है कि किस किस पेज को सर्च इंजन में इंडेक्स करना है और किस किसको इंडेक्स नहीं करना है.

Robots.txt से आप सर्च इंजन रोबोट को अपनी वेबसाइट के SiteMap को भी बता सकते हैं.  इस फाइल के द्वारा आप अपने वेबसाइट से file और floders को भी इंटेक्स होने से रोक सकते हैं.

Sitemap.xml Generate करें

हर वेबसाइट का Sitemap.xml Generate  होना बहुत जरूरी है. इससे ही search engine  को पता चलता है कि आपकी वेबसाइट में लिखे गए आर्टिकल्स का url क्या है. Sitemap से सर्च इंजन को आपके वेबसाइट को इंडेक्स करने में आसानी होती है.

निष्कर्ष

मैंने अपने इस आर्टिकल में On-Page SEO के बारे में अपने एक्सपीरियंस और मौजूदा सर्च इंजन algoritham  के हिसाब से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने प्रस्तुत करने की कोशिश की है. हो सकता है इनमें से कुछ पॉइंट्स के बारे में आपको पहले से ही पता हो तो अच्छी बात है. अगर आपको और आपकी वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करने में, मेरे इस आर्टिकल से कुछ भी सहायता मिलती है तो मेरे इस आर्टिकल को लिखने का मकसद पूरा होगा.

अगर इसके अलावा भी आप On page SEO के बारे में जानते हैं. और मैंने वह अपने इस आर्टिकल में नहीं लिखा है तो आप कमेंट करके बता सकते हैं. और अगर आपका On page SEO से रिलेटेड कोई भी सवाल हो तो कमेंट करना ना भूले.

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